16 फ़रवरी 2011

क्या नारी स्वतन्त्र है ?


तुम्हें  क्या लगता है?
नारी वास्तव में स्वतन्त्र है !
बंदी नहीं?
सच कहो
क्या आज भी
उस की सोच पे पाबन्दी नहीं?

आज भी
कहाँ उकेर पाती है
वह मन के उद्गार.
छीन लेते है वहीँ
उसकी तूलिका, उसकी लेखनी
उस के अपने मन के संस्कार.

और कभी स्व से संघर्ष कर निरंतर
वह अगर जीत भी जाती है,
तो इस तथाकथित प्रबुद्ध
और सुसभ्य समाज को
वह आँख की किरकिरी सी नज़र आती है.

समाज का पुरुषवादी अहम
उसकी यह परिवर्तित चेतना
नहीं कर पाता है स्वीकार

इसीलिए शायद इसीलिए
स्वयं से जीत कर भी
नारी अस्मिता जाती है हार
बार-बार.

6 टिप्‍पणियां:

  1. नारी की स्वतंत्रता बहुत बहस का विषय है-मसलन,स्वतंत्रता किससे,किसलिए आदि-आदि। यों भी,जो स्वयं से जीत चुका हो,उसे किसी और से हार से आहत होने की ज़रूरत क्या है?

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  2. आज मंगलवार 8 मार्च 2011 के
    महत्वपूर्ण दिन "अन्त रार्ष्ट्रीय महिला दिवस" के मोके पर देश व दुनिया की समस्त महिला ब्लोगर्स को "सुगना फाऊंडेशन जोधपुर "और "आज का आगरा" की ओर हार्दिक शुभकामनाएँ.. आपका आपना

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  3. मेरे ब्लॉग पर आने और टिप्पणी के लिए समय निकालने के लिए आपका बहुत -बहुत धन्यवाद .
    . सोच की, मानसिक स्वतंत्रता की बात की जा रही है यहाँ.

    तथाकथित प्रबुद्ध
    और सुसभ्य समाज को
    वह आँख की किरकिरी सी नज़र आती है.समाज का पुरुषवादी अहम
    उसकी यह परिवर्तित चेतना
    नहीं कर पाता है स्वीकार

    इसीलिए शायद इसीलिए
    स्वयं से जीत कर भी
    नारी अस्मिता जाती है हार

    उत्तर देंहटाएं
  4. आदरणीय महोदया , सादर प्रणाम

    आज आपके ब्लॉग पर आकर हमें अच्छा लगा.

    आपके बारे में हमें "भारतीय ब्लॉग लेखक मंच" पर शिखा कौशिक व शालिनी कौशिक जी द्वारा लिखे गए पोस्ट के माध्यम से जानकारी मिली, जिसका लिंक है......http://www.upkhabar.in/2011/03/vandana-devi-nutan-shikha-mamta-preeti.html

    इस ब्लॉग की परिकल्पना हमने एक भारतीय ब्लॉग परिवार के रूप में की है. हम चाहते है की इस परिवार से प्रत्येक वह भारतीय जुड़े जिसे अपने देश के प्रति प्रेम, समाज को एक नजरिये से देखने की चाहत, हिन्दू-मुस्लिम न होकर पहले वह भारतीय हो, जिसे खुद को हिन्दुस्तानी कहने पर गर्व हो, जो इंसानियत धर्म को मानता हो. और जो अन्याय, जुल्म की खिलाफत करना जानता हो, जो विवादित बातों से परे हो, जो दूसरी की भावनाओ का सम्मान करना जानता हो.

    और इस परिवार में दोस्त, भाई,बहन, माँ, बेटी जैसे मर्यादित रिश्तो का मान रख सके.

    धार्मिक विवादों से परे एक ऐसा परिवार जिसमे आत्मिक लगाव हो..........

    मैं इस बृहद परिवार का एक छोटा सा सदस्य आपको निमंत्रण देने आया हूँ. आपसे अनुरोध है कि इस परिवार को अपना आशीर्वाद व सहयोग देने के लिए follower व लेखक बन कर हमारा मान बढ़ाएं...साथ ही मार्गदर्शन करें.


    आपकी प्रतीक्षा में...........

    हरीश सिंह


    संस्थापक/संयोजक -- "भारतीय ब्लॉग लेखक मंच" www.upkhabar.in/

    ...

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  5. होली की बहुत बहुत शुभकामनाये आपका ब्लॉग बहुत ही सुन्दर है उतने ही सुन्दर आपके विचार है जो सोचने पर मजबूर करदेते है
    कभी मेरे ब्लॉग पे भी पधारिये में निचे अपने लिंक दे रहा हु
    धन्यवाद्

    http://vangaydinesh.blogspot.com/
    http://dineshpareek19.blogspot.com/
    http://pareekofindia.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  6. होली की बहुत बहुत शुभकामनाये आपका ब्लॉग बहुत ही सुन्दर है उतने ही सुन्दर आपके विचार है जो सोचने पर मजबूर करदेते है
    कभी मेरे ब्लॉग पे भी पधारिये में निचे अपने लिंक दे रहा हु
    धन्यवाद्

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मेरे ब्लॉग पर आने के लिए, बहुमूल्य समय निकालने के लिए आपका बहुत -बहुत धन्यवाद!
आपकी प्रतिक्रिया मुझे बहुत प्रोत्साहन देगी....